मधुनास्ते – मधुमेह के लिए आयुर्वेदिक कैप्सूल

मधुमेह और मधुनास्ते​

कैप्सूल

परिचय

“मधुनास्ते” कैप्सूल 100% नैचुरल और आयुर्वेदिक औषधि है जो आयुष मंत्रालय से अप्रूव्ड है। “मधुनास्ते” कैप्सूल, 15 रामबाण आयुर्वेदिक जड़ी- बूटियों से निर्मित है। इसमें करेला,नीम,जामुन, आँवला, बेलपत्र, गिलोय, मेथी, शुद्ध शिलाजीत, बनाबा, चिराता, गुरमार, सदाबहार, विजयसार, सप्तरंगी और मामज्जक हैं। ये सब डायबिटीज़ के लिए रामबाण है। ये सभी ब्लड में शुगर के स्तर और HbA1c को नियंत्रित करते हैं, पैंक्रियास को मजबूत करते हैं और मेटाबॉलिज्म में सुधार करते हुए मधुमेह/डायबिटीज़ को स्वाभाविक रूप से नियंत्रण में रखते हैं।

“मधुनास्ते” कैप्सूल सुरक्षित और विश्वसनीय आयुर्वेदिक समाधान है। स्वस्थ शुगर प्रबंधन के लिए 100% आयुर्वेदिक फॉर्मूला। "NO Side Effects... Only Side Benefits" मधुमेह/डायबिटीज़ के दुष्प्रभावों से लड़ने में मदद करता है। शुगर लेवल और HbA1c में सुधार ,  शारीरिक कमजोरी  , वजन घटना ,    बार बार प्यास/ पेशाब लगना   , तलबे में जलन ,  लिवर, किडनी फंक्शन में सुधार , इंसुलिन परफॉर्मेंस में सुधार।

खुराक: 1 कैप्सूल सुबह और 1 कैप्सूल रात में भोजन से पहले गुनगुने पानी/सामान्य पानी के साथ। डॉक्टर द्वारा निर्धारित एलोपैथी/अंग्रेजी दवा जारी रखें। गर्भवती या स्तनपान कराने वाली मां और 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चे सेवन से बचें। शुगर लेवल और HbA1c में सुधार ,  शारीरिक कमजोरी  , वजन घटना ,    बार बार प्यास/ पेशाब लगना   , तलबे में जलन ,  लिवर, किडनी फंक्शन में सुधार , इंसुलिन परफॉर्मेंस में सुधार।

"मधुनास्ते" कैप्सूल 100% नैचुरल और आयुर्वेदिक औषधि है जो आयुष मंत्रालय से अप्रूव्ड है। “मधुनास्ते” कैप्सूल, 15 रामबाण आयुर्वेदिक जड़ी- बूटियों से निर्मित है। इसमें करेला, नीम,जामुन, आँवला, बेलपत्र, गिलोय, मेथी, शुद्ध शिलाजीत, बनाबा, चिराता, गुरमार, सदाबहार, विजयसार, सप्तरंगी और मामज्जक हैं। ये सब डायबिटीज़ के लिए रामबाण है।

मधुमेह, जिसे हम आमतौर पर डायबिटीज़ के नाम से जानते हैं, एक ऐसी बीमारी है जो व्यक्ति के रक्त शर्करा स्तर को बढ़ा देती है और शरीर की ऊर्जा का संतुलन बिगाड़ देती है। आजकल की जीवनशैली और खानपान की अनियमितताएं इस समस्या को बढ़ाती जा रही हैं।

डायबिटीज़ के प्रबंधन के लिए एकमात्र एलोपैथिक दवा का सेवन आमतौर पर पर्याप्त नहीं हो सकता है। आयुर्वेदिक दवाओं में जड़ी-बूटियों का उपयोग होता है, जो शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करती है। आयुर्वेद में डायबिटीज़ के लिए कई प्रकार की जड़ी-बूटियों का उपयोग किया जाता है, जो इन्सुलिन सेंसिटिविटी को बढ़ाती हैं और रक्त शर्करा को नियंत्रित करने में मदद कर सकती हैं। कुछ जड़ी-बूटियां शुगर को कम करने के साथ-साथ अन्य स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान करती है।

आयुर्वेद एक प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धति है जिसने स्वस्थ जीवनशैली और रोग प्रबंधन के लिए विशेष उपायों को प्रदान किया है।आयुर्वेद में मधुमेह का उपचार सिर्फ रोग के लक्षणों को दूर करने के लिए ही नहीं, बल्कि रोग के मूल कारण को शांत करने के लिए भी होता है।

करेला नीम जामुन आँवला बेलपत्र गिलोय मेथी शुद्ध शिलाजीत बनाबा चिराता गुरमार सदाबहार विजयसार सप्तरंगी मामज्जक
75 Mg
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50 Mg
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25 Mg
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20 Mg
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10 Mg
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लक्षण:
डायबिटीज़ में क्या खाये:
डायबिटीज़ में क्या नहीं खाये: